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रक्षा विहार मामले में नया खुलासा, अकेली महिला को घेरकर मारने की साजिश आई सामने। एफ आई आर दर्ज

भोपाल। परवलिया सड़क थाना क्षेत्र में रक्षा विहार कॉलोनी से सटी वायु बिल्डकॉन की निर्माणाधीन आवासीय परियोजना पर 12 जुलाई को हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। प्रारंभिक स्तर पर जहां एकतरफा आरोप वायु बिल्डकॉन के संचालकों पर लगाए जा रहे थे, वहीं अब दोनों पक्षों की पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने के बाद घटनाक्रम की दूसरी तस्वीर भी सामने आई है। दूसरी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह विवाद पूर्वनियोजित षड्यंत्र के तहत परियोजना को बाधित करने और कंपनी को आर्थिक एवं सामाजिक क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से खड़ा किया गया।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, वायु बिल्डकॉन की मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती शिप्रा सिंह ने आरोप लगाया है कि 12 जुलाई की सुबह लगभग 10 बजे कुछ लोग निर्माणाधीन परियोजना के वैध पहुंच मार्ग पर एकत्र हुए। शिकायत में कहा गया है कि इस समूह का नेतृत्व अरविंद शुक्ला, ए.के. वर्मा, एस.के. खुराना, ताहिर अहमद मलिक सहित अन्य लोग कर रहे थे। साइट पर तैनात सुरक्षा कर्मी द्वारा सूचना मिलने पर जब शिप्रा सिंह मौके पर पहुंचीं, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, अश्लील गाली-गलौज की गई, धक्का-मुक्की कर उन्हें नीचे गिरा दिया गया, जिससे उनके हाथ में चोट आई। शिकायत में यह भी आरोप है कि उपद्रवियों ने शासकीय स्वीकृति के अंतर्गत निर्मित पहुंच मार्ग को क्षतिग्रस्त किया तथा परियोजना बंद न करने पर जान से मारने की धमकी दी।
रिपोर्ट के अनुसार, स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मौके पर पहुंचे शिप्रा सिंह के भाई एवं उनके सहयोगी ने उन्हें भीड़ के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला। शिकायत में कहा गया है कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं होता, तो गंभीर अप्रिय घटना घट सकती थी।

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इस प्रकरण का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि घटना के समय शिप्रा सिंह के माता-पिता रक्षा विहार स्थित साप्ताहिक ध्यान-साधना के नियमित कार्य कार्यक्रम में थे। सूचना मिलते ही वे घटनास्थल पहुंचे और अपनी पुत्री को सुरक्षित बाहर निकालने में सहयोग किया।
शिप्रा सिंह ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि पिछले लगभग छह महीनों से उनकी कंपनी की परियोजना को रोकने के उद्देश्य से विभिन्न शासकीय विभागों में लगातार शिकायतें कर परियोजना को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि परियोजना सभी वैधानिक एवं शासकीय स्वीकृतियों के अनुरूप विकसित की जा रही है, इसलिए विरोधी अपने प्रयासों में सफल नहीं हो सके। इसी कारण योजनाबद्ध तरीके से घटनास्थल पर विवाद उत्पन्न कर कंपनी पर दबाव बनाने और परियोजना को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
घटना के वीडियो देखने के बाद यह पाया गया रविवार की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण रही। सैकड़ों लोगों के बीच एक जवान की बेटी अकेले अपना पक्ष रख रही थी। उसने केवल अपनी सुरक्षा के लिए डंडा हाथ में लिया था, किसी पर हमला नहीं किया। उसके साथ जिस प्रकार अभद्र व्यवहार हुआ और उसे घेरकर दबाव बनाया गया, वह उचित नहीं था।
हम सबने वीडियो में देखा कि वरिष्ठ अधिकारियों और महिलाओं के बीच वह अकेली खड़ी थी। यदि महिलाओं का वहां होना गलत था, तो फिर दोनों पक्षों पर समान दृष्टि रखी जानी चाहिए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, परियोजना के विरुद्ध चलाए जा रहे कथित षड्यंत्र एवं 12 जुलाई की घटना से संबंधित अनेक दस्तावेजी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध करा दिए गए हैं। पुलिस को बताया कि हमारे यहाँ पर षड्यंत्र पूर्वक एक साथ इतने लोग इकट्ठे हुए और गैरकानूनी काम करते हैं और उसी वक्त भोपाल से बाहर स्थित रक्षा विहार में इतना मीडिया भी साथ लाते हैं जो स्पष्ट दर्शाता है कि इनका षड्यंत्र कितना गहरा थाl पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर प्रकरण दर्ज कर लिया है तथा सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। मामले की विवेचना जारी है और जांच के उपरांत दोषियों के विरुद्ध विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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