Header Ads Widget

Responsive Advertisement

Ticker

6/recent/ticker-posts

Ayodhya चढ़ावा चोरी का लिंक लंका से ! SIT बढ़ाएगी जांच का दायरा ?

अयोध्या चोरी का लिंक लंका से !
एसआईटी बढ़ाएगी जांच का दायरा ?

मोहनलाल मोदी 
श्री राम और अयोध्या के श्री राम मंदिर में आस्था रखने वाले भक्तों, श्रद्धालुओं के सिवाय चहुं ओर चढ़ावा चोरी का विधवा विलाप व्याप्त है। चोरी अयोध्या में हुई, लेकिन हाय तौबा लंकाई खेमे में मचना आश्चर्य का विषय है। क्या इस बात पर शोध नहीं होना चाहिए कि चढ़ावा चोरी श्री राम जी के यहां हुई, लेकिन इसका खुलासा मेघनाद कर रहा है। जी हां मेघनाथ, वो मेघनाद जिसका बाप रावण हुआ करता था। हां वह रावण ही तो था! जिसने निहत्थे कार सेवकों की छातियों पर गोलियां चलवा दी थीं और सरेआम कहा था कि मुझे राम भक्तों पर गोली चलवाने का कोई पछतावा नहीं, जरूरत पड़ी तो फिर गोलियां चलवाऊंगा, कोई परिंदा पर मार के तो दिखाए। वह रावण, जिसको अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर की कल्पना भी फूटी आंख नहीं सुहाती थी। उसी रावण का दंभी पुत्र मेघनाद आज राम जी का सबसे बड़ा सगा होने का स्वांग रच रहा है। क्या एस आई टी को इस बात पर संदेह नहीं करना चाहिए? यदि आग श्री राम जी के यहां लगी तो धुआं रावण के घर में क्यों उठा? कहीं ये राम विरोधियों का सुनियोजित षड्यंत्र तो नहीं? क्या इस पहलू पर गौर नहीं किया जाना चाहिए कि अब तक गिरफ्तार हुए आरोपियों में सर्वाधिक चर्चित नाम उस व्यक्ति का है जो मेघनाथ का 'जातिभाई' भी है। श्रीराम चरित मानस के सुंदरकांड में एक प्रसंग आता है। जब श्री राम समुद्र से मार्ग मांगने ध्यानस्थ होकर बैठ गए, तब रावण अपने गुप्तचरों को वानर बनाकर रामा दल के बीच भेद लेने और रामा दल में फूट डालने के लिए भेजता रहा। क्या यह संभव नहीं है? कि जब राम विरोधी हर मोर्चे पर राम भक्तों के अडिग संकल्प के समक्ष परस्त होते चले गए। यहां तक कि अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर भी बन गया। तब मेघनाद द्वारा एक सुनियोजित व्यूह रचना के तहत अपने एक 'जातिभाई' को भगवा पहनाकर राम भक्तों के बीच भेजा गया और पूर्व से तय षड्यंत्र के तहत पहले चोरी का प्रपंच रचा और फिर चोरी हुई चोरी हुई की डुगडुगी भी पिटवा दी। चंद रूपयों का दान देने का निरंतर ढोल पीटने वाले एक और 'कालनेमी' ने राम भक्त का चोला ओढ़ा है। इसने चढ़ावा चोरी के प्रोपेगंडा को और अधिक विषाक्त बनाने के लिए महाकाल को भी लपेटे में लेने का दुष्चक्र रचा है। हिंदुओं के सर्वाधिक विशाल और वैश्विक स्तर के संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद को आतंकियों का अड्डा बताने वाला यह कालनेमि स्वयं सत्ता में रहते बजरंग दल की तुलना सिमी जैसे आतंकवादी संगठन से कर चुका है। मुझे विश्वास है, जैसे 23 साल पहले लोकतंत्र के भगवान द्वारा इसे सत्ता के गलियारों से धकिआया गया था, ठीक उसी प्रकार इसके राजनीतिक अस्तित्व का अंत भी राम भक्त ही करेंगे। जैसे हनुमान जी ने कालनेमी का किया था।
 यह बात सही है कि अयोध्या के श्री राम मंदिर में वह घट गया जो नहीं होना चाहिए था। लेकिन ये राम भक्तों ने किया? सवाल ही पैदा नहीं होता। हां ऐसा जरूर हुआ होगा कि स्वभाव से ही सरल राम भक्त, मंदिर की सेवा में 'छद्मवेश' बनाकर आए राम विरोधियों के भेदियों को पहचानने में असफल रहे और षड्यंत्र का शिकार हो गए। निसंदेह इस बवंडर की शुरुआत श्री राम के विरोधियों ने की है। लेकिन सनातनियों को पूरा भरोसा है, इसका अंत राष्ट्रीयता में अगाध श्रद्धा रखने वाले सर्वश्री मोहन भागवत, नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के 'कोदंड' से ही होगा।
#Ayodhya #Chanda chori #chadhava chori #Ram lala #champat Rai #Akhilesh Yadav #Tinnu Yadav #Digvijay Singh #Narendra Modi #Yogi Adityanath #Ram Mandir #viral #RSS #VHP #Bajrang Dal 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ