बलात्कारी को बचाने महिला पुलिस अधिकारी ने ली 35 लाख की रिश्वत

0
बलात्कारी को बचाने महिला पुलिस अधिकारी ने ली 35 लाख की रिश्वत

आरोपी के भाई द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत

महिला पुलिस एसआई गिरफ्तार, अदालत ने हिरासत में भेजा

दो महिलाओं के बलात्कारी को बचाने महिला पुलिस अधिकारी ने 35 लाख की रिश्वत ली। बार बार की मांग से परेशान होकर आरोपी के भाई द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर दी गई। जब जांच मेंं आरोप सही पाए गए तो महिला पुलिस एसआई गिरफ्तार कर ली गई। मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया गया तो अदालत ने उक्त महिला एसआई को पुलिस हिरासत में भेजा है।

अहमदाबाद। बलात्कार के आरोपी से 35 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एक महिला पुलिस उप निरीक्षक को गिरफ्तार किया गया है। महिला सब-इंस्पेक्टर को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसको तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी महिला उप निरीक्षक श्वेता जड़ेजा अहमदाबाद की महिला पुलिस स्टेशन की इंचार्ज थी। श्वेता जड़ेजा पर बलात्कार के आरोपी से 35 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।

एफआईआर के मुताबिक अहमदाबाद की एक निजी कंपनी की दो महिला कर्मचारियों ने कंपनी के प्रबंध निदेशक केवल शाह के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी मामले में कंपनी के सुरक्षा अधिकारी ने भी अहमदाबाद के सैटेलाइट थाने में शिकायत दी थी। आरोप हैं कि जांच के दौरान महिला पुलिस थाने की इंचार्ज श्वेता जड़ेजा ने आरोपी से 35 लाख रुपये रिश्वत की मांगी। साथ में धमकी भी दी कि अगर उसको पैसा नहीं दिया गया, तो आरोपी के खिलाफ बेहद कड़ा केस बनाया जाएगा।

शब्दघोष के फेसबुक पेज से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

प्राप्त जानकारी के अनुसार श्वेता जड़ेजा ने केवल शाह के भाई भावेश को बुलाकर रिश्वत की मांग की और 20 लाख रुपये में दोनों पक्ष राजी हुए। रिश्वत की रकम बाद में आंगडिय़ा के जरिए जमजोध पुर में पुलिस सब-इंस्पक्टर श्वेता जड़ेजा के किसी पहचान वाले को पहुंचाई गई। आरोपी केवल शाह के खिलाफ एक और मामला दर्ज हुआ, जिसके बाद पुलिस अधिकारी श्वेता जड़ेजा ने आरोपी के भाई से फिर 20 लाख रुपये की मांग की । इस बार 15 लाख रुपये में मामला तय किया गया।

यह रकम भी पुन: जमजोध पुर भेजी गई। शिकायत के अनुसार इसी दौरान आरोपी के भाई भावेश ने एक शिकायत पुलिस को दे दी थी, जिसकी जांच पीआई आरएस सुवेरा कर रहे थे। जिन्होंने आवश्यक प्रमाण एकत्रित किए और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। क्राइम ब्रांच की टीम ने पूरे मामले की बारीकी से जांच कर श्वेता जड़ेजा के खिलाफ शिकायत दर्ज की।

अब क्राइम ब्रांच के जॉइंट पुलिस कमिश्नर अजय तोमर का कहना है कि जब पूरे मामले की जांच की गई, तो उसमें कुछ सच्चाई सामने आई। इसके बाद श्वेता जड़ेजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस पूरे मामले की जांच अब स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के एसीपी बीसी सोलंकी को सौंपी गई है। महिलाओं के यौन उत्पीडऩ वाले मामले में एक महिला पुलिस अधिकारी द्वारा रिश्वत लिया जाना पूरे गुजरात सूबे में निंदा का बिषय बना हुआ है।

सर्वाधिक पढ़ी गयीं खबरें व आलेख

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here