जन्म लेते ही सवाल बनी कन्या

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लाखों में एक केस होता है ऐसा

सिरोंज से संजय सिंह कुर्मी की रिपोर्ट
सिरोंज। शासकीय अस्पताल में जन्म लेते ही एक कन्या अपने आप में सवाल बन गई है। इसके साथ कुछ ऐसा हुआ है जो 1 लाख मामलों में कभी-कभी होता है। सिरोंज के राजीव गांधी अस्पताल में एक कन्या का जन्म हुआ है। इस कन्या के हाथ और पैर नहीं है। शरीर के नाम पर इसके पास केवल सिर और धड़ हैं। इसके जन्म से माता-पिता तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे बच्ची के जन्म पर खुशी मनाएं अथवा अफसोस व्यक्त करें।

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क्योंकि बच्ची को जीवन भर एक स्थाई सहारे की आवश्यकता रहेगी। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य बच्चों की तरह रो रही है। इस बारे में जब अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुरेश अग्रवाल से जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चे लगभग एक लाख केस में कभी कभी देखने को मिलते हैं। उन्होंने यह भी माना कि यह एक प्रकार की बीमारी है जो यदा-कदा ही देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि इसे अनुवांशिक रोग के रूप में देखा जाना चाहिए।

चिकित्सक ने आशंका व्यक्त की है कि इस बच्ची के माता-पिता के कुटुंब में कोई पूर्वज इस बीमारी से पीड़ित रहे होंगे। उन्हीं का जीन इस बच्ची के शरीर में लक्षण बनकर दिखाई दे रहा है। बच्ची के पिता ने आस नहीं छोड़ी है। उसका कहना है कि जच्चा की हालत ठीक होते ही वह कन्या को किसी योग्य चिकित्सक को दिखाएंगे। वह बोले कि जो संभव है वह इलाज के माध्यम से प्रयास करेंगे कि बच्ची सामान्य अवस्था को प्राप्त हो जाए।

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