क्वारंटीन सेंटर में स्वास्थ्य कर्मी असुरक्षित

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सुरक्षा के लिए कलेक्टर से गुहार

सीधी से बीपी सिंह की रिपोर्ट
सीधी। कोरोना वायरस (Corona Virus) जैसी घातक महामारी से जंग लड़ रहे डॉक्टर्स तथा नर्सिंग स्टाफ (Doctors and Nursing Staff) को एक कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) पेशेंट के मिलने के बाद अब अपनी सुरक्षा अपने बाल बच्चों की भी चिंता सताने लगी है। एक ओर जहां डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ आम लोगों का इलाज करने में अपनी जान की बाजी लगाकर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं l वहीं अब उनको फिक्र इस बात की है कि इस महामारी (epidemic) से लड़ने के लिए सुरक्षा के तहत उनके पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं है।

इसका जीता जागता उदाहरण बीते बुधवार को देखने को मिला। जहां नर्सिंग हॉस्टल क्वॉरंटीन सेंटर में सेवा दे रही स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर कलेक्टर से गुहार लगाई। जीएनएम हॉस्टल (GNM Hostel) क्वॉरेंटीन (Quarantine) सेंटर में स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि प्राप्त निर्देशों के मुताबिक पी.पी.ई. किट को 6 दिन तक सैनिटाइज करके पहनना है। जबकि सुरक्षा भी सुनिश्चितता के मद्देनजर पी.पी.ई. किट का एक बार ही उपयोग किया जाता है।

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वहीं स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि कोरोना पेशेंट के जाने के बाद से आज तक कोरनटाइन सेंटर को सैनिटाइज नहीं किया गया हैl पर्याप्त मात्रा में पहनने के लिए दस्ताने तथा एन- 95 के मास्क नहीं मिल पा रहे हैं। उच्च अधिकारियों द्वारा सुरक्षा किट मांगने पर इतने में ही काम चलाने को बोला जाता है। नाम नहीं छापने की शर्त पर स्टाफ नर्स ने बताया कि क्वारंटीन सेंटर में अभी तक टोटल 52 लोग हैं। जिन्हें बिना सुरक्षा के ही भोजन देने के लिए बोला जाता है।

विरोध करने पर नौकरी से निकलवाने की धमकी दी जाती है। स्टाफ नर्स का कहना था कि हमें दस्ताने, मास्क तथा पी.पी.ई. किट सुरक्षा की दृष्टि से उपलब्ध कराएं जिसमें हमें काम करने में कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़े।
कलेक्टर श्री चौधरी ने बताया कि मेरे संज्ञान में आया है,मुझे जानकारी प्राप्त हुई है कि जी.एन.एम. सेंटर स्थित कॉरेन्टीन सेंटर में स्वास्थ्य कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा किट्स उपलब्ध नहीं हैl जिसमें हमारे द्वारा तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। यह सब उपलब्ध भी कराया जा रहा है। जो भी उनकी समस्या होगी इसका निराकरण किया जा रहा है।

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