गृहक्लेश में पत्नी की हत्या कर पति फांसी पर झूला

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गृहक्लेश में पत्नी की हत्या कर पति फांसी पर झूला

ग्वालियर : महाराजपुरा क्षेत्र के हरदौल नगर में हुई वारदात

ग्वालियर। गृहक्लेश के चलते पति ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी फांसी पर झूल गया। दोनो की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर पुलिस को सुसाइड नोट तो नही मिला है, जबकि परिजनों का कहना है दोनो में आये दिन विवाद होता था। महाराजपुरा थाना पुलिस के मुताबिक डीडी नगर के पास हरदौल
नगर बना हुआ है। यहां भिंड के रहने वाला जितेन्द्र रजक 35 अपनी पत्नी मानवी 32 के साथ हरदौल नगर में आकर किराए से रहने लगा था।

यहां जितेन्द्र कपड़ो पर प्रेस करने की छोटी सी दुकान चलाता था। उसकी पत्नी भी घर घर जाकर कपड़े धोने का काम करती थी। दोनो की दो बेटिया भी है जो आठ और छह साल की है। दोनो के बीच आए दिन कलह होती थी। जितेन्द्र का भाई भी कुछ समय से उनके पास आकर रहने लगा था। बीती रात को पूरे परिवार ने साथ में बैठकर खाना खाया। इसके बाद जितेन्द्र और मानवी अपने कमरे मे अलग सोने के लिये चले गये।

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उनके कमरे का दरवाजा खराब होने से कुंडी लगती नही है। सुबह जब बड़ी देर तक दोनो कमरे से नही निकले तो भाई ने दरवाजा कोलकर देखा तो वह सन्न रह गया। जितेन्द्र की लाश पंखे के सहारे फांसी के फंदे पर लटक रही थी। वही मानवी की लाश बिस्तर पर पडी हुई थी। पुलिस को घटना की जानकारी लगी तो मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ अखिलेश भार्गव के साथ पहुंची। यहां पड़ताल में पाया कि मानवी की गला दबाकर हत्या की गई है।

उसके गले व चेहरे पर हल्के खून व खरोंच के निशान भी है। इससे साफ हो रहा है कि उसने हत्यारे के साथ पहले संघर्ष भी किया है। इसके बाद जितेन्द्र ने पंखे पर फंदा बनाकर फांसी लगा ली है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नही मिला है। पुलिस को पूरा संदेह है कि जितेन्द्र ने मानवी की हत्या की फिर खुद फांसी पर झूल गया। परिजनों का कहना है कि दोनो मे आये दिन विवाद होता था। पुलिस ने दोनो शवों को पोस्टमार्टम के लिये डैड
हाउस भेज दिया है।

दोनों मासूमों से उठा मां-बाप का साया

जितेन्द्र और मानवी की दो बेटियां है। जो उनके साथ ही हरदौल नगर में रहती है। छोटी छोटी बच्चियों को अंदाजा नही था कि मां बाप की रोज रोज की लड़ाई उनके सिर से साया ही उठा लेगी। छोटी उम्र में दोनो अनाथ हो गई है। क्षणिक आवेश में उनका पूा हंसता खेलता परिवार ही उजड़ गया।

चौका बर्तन करके काट रहे थे जीवन

जितेन्द्र के परिवार की माली हालत कुछ ठीक नही थी। जितेन्द्र कपड़ो पर प्रेस करने की दुकान चलाता था। जबकि उसकी पत्नी घर घ्र जाकर चौका बर्तन करती थी। लॉकडाउन में उनकी आमदनी में भी गिरावट आई थी।

सुसाइड नोट नही, परिजनों ने बताई विवाद की कहानी

मौके पर पुलिस को कोई सुसाइड नही मिला है। दोनो लाशें वहां से उठाने के बाद पुलिस ने परिजनों से बात की। इस दौरान उन्होने बताया कि दोनो में आये दिन विवाद होने लगा था। ऐसे में जितेन्द्र ने मानवी को मारकर खुदकुशी कर ली।

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