अब कमलनाथ कहेंगे माफ करो महाराज

0
अब कमलनाथ कहेंगे माफ करो महाराज , ज्योतिरादित्य सिंधिया

उप चुनाव तक ग्वालियर में ही डेरा जमाएंगे

पिछले विधान सभा चुनाव में भाजपा का सबसे ज्यादा चर्चित नारा था- माफ करो महाराज, हमारा नेता शिवराज। अब यही नौबत कांग्रेस में भी आ गई है। पता चला है कि अब कमल नाथ भी माफ करो महाराज की तर्ज पर ही उप चुनाव का सामना करने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे उप चुनाव तक ग्वालियर में ही डेरा जमाएंगे। यदि ऐसा होता है तो ये दूसरा चुनावी घमासान होगा, जो केवल ज्योतिरादित्य सिंधिया के इर्द गिर्द ही घूमने वाला है।

भोपाल। सिंधिया विरोधियों के साथ ये बहुत बड़ी विडम्बना है कि वे अपने वक्तव्यों में उन्हें कुछ मानते ही नहीं हैं। लेकिन जब उनसे दो दो हाथ करने की बात आती है तो जमीन आसमान एक करने लगते हैं। जैसा कल तक भाजपा के साथ ये हालात थे कि वहां के कुछ नेता उन्हें 57 का गद्दार और न जाने क्या क्या कहते रहते थे। लेकिन जब विधान सभा चुनाव आए तो पूरी भाजपा को ही ये मानना पड़ गया कि उसका सामना कांग्रेस से ज्यादा ज्योतिरादित्य सिंधिया से है।

यही वजह रही कि जब चुनावी नारे बने तो सबसे ज्यादा माफ करो महाराज, हमारा नेता शिवराज, पर ही फोकस किया गया। बात सही भी थी, कांग्रेस सरकार सिंधिया की दम पर बनी और उनके अलग होते ही बिगड़ भी गई। अब सिंधिया भाजपा के साथ हैं तो कांग्रेसी नेता उन्हें वही बता रहे हैं जो पहले भाजपा के चंद बयानवीर नेता कहा करते थे। लेकिन ऊंट तब पहाड़ के नीचे आ जाता है जब कांग्रेस को भी अपना चुनाव कार्यालय ग्वालियर में ही बनाने के बारे में विचार करना पड़ रहा है।

शब्दघोष के फेसबुक पेज से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

जी हां मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और सूबे के पूर्व मुख्य मंत्री कमलनाथ ने फैसला किया है कि विधानसभा उपचुनाव पूरा होने तक वह ग्वालियर में ही रहेंगे। इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि ग्वालियर में ही कांग्रेस पार्टी का चुनाव मुख्यालय बनाया जाए। बता दें कि ग्वालियर-चंबल संभाग की 17 सीटों पर उपचुनाव होना है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि यही वो क्षेत्र और चुनाव है, जो कमलनाथ के भविष्य का निर्धारण करने वाला है।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि ग्वालियर में कमलनाथ के लिए एक आलीशान बंगले की तलाश की जा रही है। ताकि उनकी शान ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने कमतर नजर ना आएं। सो भाजपा की ओर से यह जानकारी कांग्रेसियों को मुहैया कराई जा रही है कि ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया का घर यानी जय विलास पैलेस 600 भारी भरकम कमरों वाला महल है। दावा किया जा रहा है कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के बाद कमलनाथ ग्वालियर में ही रहेंगे।

Click Here – To Follow Us On Twitter

इसकी वजह भी है, ग्वालियर-चंबल संभाग में ही सबसे ज्यादा 17 सीटों पर उपचुनाव होना है। इनमें16 सीटें सिंधिया समर्थकों द्वारा इस्तीफा देने से खाली हुई हैं और एक सीट वहां के विधायक का निधन हो जाने से रिक्त हुई है। जाहिर है कमलनाथ का फोकस भी इन्हीं 17 विधानसभा क्षेत्रों पर रहने वाला है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के समर्थकों का मानना है कि यह इलाका सिंधिया राजवंश के अलावा दिग्विजय सिंह की मजबूत पकड़ वाला क्षेत्र है। वहां के गांव गांव में दिग्विजय सिंह के कार्यकर्ता मौजूद है।

फिर क्या कारण है कि कमलनाथ इस इलाके में कांग्रेस को कमजोर मान रहे हैं और पार्टी को मजबूत करने के लिए खुद ग्वालियर जाने का फैसला कर रहे हैं। इसके दो मायने निकाले जा रहे हैं। एक- कमलनाथ को वहों दिग्गी राजा का कोई वजूद ही नजर नहीं आता। या फिर वे उस क्षेत्र में खुद को दिग्विजय सिंह से ज्यादा मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इन हालातों से बाखबर सियासी जानकारों का मानना है कि कहीं ऐसा न हो कि नाथ और दिग्गी की आपसी खींचतान में सिंधिया एक बार फिर इनका सूपड़ा साफ करने में कामयाब हो जाएं।

सर्वाधिक पढ़ी गयीं खबरें व आलेख

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here