शिवराज की सौ दिन की सरकार पर कांग्रेसी वार

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शिवराज की सौ दिन की सरकार पर कांग्रेसी वार

मंत्रिंडल तक गठित नहीं कर पाना अपंगता की निशानी

शिवराज शासित भाजपा सरकार के सौ दिन पूरे हो जाने पर कांग्रेस ने प्रकार वार्ता की और जमकर भडांस निकाली। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांगे्रसी नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो सरकार सौ दिन में अपना मंत्रिमंडल तक गठन न कर पाए, या उसकी अपंगता का प्रमाण नहीं तो और क्या है। कोरोना के मामले में भी सरकार को असफल करार दिया गया।

भोपाल। शिवराज की सौ दिन की सरकार पर कांग्रेस ने जमकर भड़ांस निकाली। एक प्रेस वार्ता में उसे जुगाड़ की अवैधानिक सरकार कहा गया। प्रेस वार्ता में मौजूद पी.सी.शर्मा, सज्जन सिंह वर्मा, जीतू पटवारी और नरेंद्र सिंह सलूजा ने प्रदेश सरकार पर अनेक संगीन आरोप लगाए। कांग्रेसजनों ने कहा कि ये खरीद कर बनाई हुई सरकार है। यह किसी निर्वाचित संगठन या चयनित जन प्रतिनिधियों की बजाय आऊट सोर्स द्वारा संचालित सरकार है। इसने किसानों के हितों पर कुठाराघात किया है।

निकम्मे पन की हद ये है कि सौ दिन बीत जाने पर भी इसका मंत्रिमंडल तक गठित नहीं हो पा रहा है। कुल जमा आधा दर्जन लोग सरकार को अपनी मनमर्जी के हिसाब से चला रहे हैं। तबादले के माध्यम से कमाई कर रहे जिस माफिया की नाथ सरकार ने कमर तोड़ दी थी, वह इस सरकार के संरक्षण तले फिर से रोजगार पर लग गया है। आजकल महंगे डीजल और पेट्रोल के माध्यम से आम आदमी की जेब काटने का नया धंधा चालू कर दिया गया है।

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कांग्रेस ने बिशेष तौर पर कहा कि कोरोना जैसे अत्यंत संवेदनशील मामलों में भी अनियमितताएं बरीती गईं। डाक्टरों के लिये अमानक पीपीई किटें खरीदीं जिसके चलते ये कोरोना योद्धा कई बार बेहोश होते दिखाई दिए। यह आरोप भी लगाया गया कि एक छुपी हुए करार के चलते कोरोना के संदिग्ध मरीजों को निजी अस्पतालों मे जबरिया भर्ती कर उन्हें लाभ पहुंचाया गया। जबकि सरकारी अस्पताल खाली ही बने रहे।

इस वार्ता में उल्लेख किया गया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के 100 दिन के कार्यकाल में 70 प्रतिशत आईएएस और 50 प्रतिशत आईपीएस के ट्रांसफर किये गए, जो खुद में एक रिकार्ड है। मनमोहन सरकार से मोदी सरकार की तुलाना करते हुए कहा गया कि जो एक्साइज ड्यूटी यूपीए सरकार के दौरान 3.56 रूपये थी वो लगभग 10 गुना बढ़ाकर 31.83 रुपये की जा चुकी है।

भाजपा सरकार के चलते मध्यप्रदेश में कोरोना की स्थिति बिगड़ती जा रही है। मध्यप्रदेश में कोरोना मृत्युदर 4.2 प्रतिशत है जो देश में तीसरे नंबर पर है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भोपाल में कोरोना के कारण 94 लोगों की मृत्यु हुई है लेकिन विश्रामघाट और कब्रिस्तान के आंकड़ों के अनुसार 180 व्यक्तियों की मृत्यु कोरोना के कारण हो चुकी है। कुल मिलाकर कांग्रेस द्वारा भाजपा सरकार को और उसकी कार्यप्रणाली को एक सिरे से निंदनीय करार दिया है।

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